| एमसीएक्स कॉमडेक्स |
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एमसीएक्स कॉमडेक्स, इंडियन स्टेटिस्टिकल इंस्टिट्यूट (आईएसआई), कोलकाता के सहयोग में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एमसीएक्स) के अनुसंधान और योजना विभाग द्वारा डिज़ाइन और विकसित किया गया है। यह एक एक्सचेंज के कमोडिटी फ्यूचर्स मूल्यों पर आधारित भारत का प्रथम संयुक्त कमोडिटी सूचकांक है। कमोडिटी फ्यूचर्स मूल्यों पर एमसीएक्स एग्री, एमसीएक्स मेटल और एमसीएक्स एनर्जी ग्रुप सूचकांक भी एक्सचेंज पर कारोबारित विभिन्न कमोडिटी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने के लिए विकसित किए गए हैं।
सूचकांक कमोडिटी बाजारों के प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण बैरोमीटर है और कमोडिटीज बाजारों में आगे भी बहुत समय तक एक आदर्श निवेश उपकरण के रूप में रहेगा। दर असल इंडेक्स को एक "ट्रेडेबल" इंडेक्स की अनुमति तब मिलती है जब वह एक बार विनियामक निकाय द्वारा अनुमोदित हो जाता है और जो तत्काल बाजार सहभागियों के लिए सुलभ होता है। एक बार एमसीएक्स कॉमडेक्स फ्यूचर्स में होल्डिंग और रोलिंग पोजीशंस द्वारा फ्यूचर्स ट्रेडिंग के लिए विनियामक अनुमोदन के साथ शुरू हो जाने पर निवेशक एमसीएक्स कॉमडेक्स में निहित कई कमोडिटीज में प्रतिफल को दोहराने में सक्षम हो जाएंगे। एमसीएक्स कॉमडेक्स फ्यूचर्स उपयोगकर्ता को कमोडिटी व मुद्रास्फीति जोखिम से कुशलता पूर्वक बचाव करने की क्षमता देंगे और अवशिष्ट (ले ऑफ) जोखिमों की छंटनी कर देंगे। संपूर्ण बाजार दिशा की फिक्र के बिना सुरक्षा स्थापित की जा सकती है। |
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- पात्रता मानदंड एवं वेटिंग्स लिक्वीडिटी अर्थात एक निर्दिष्ट अवधि में एमसीएक्स पर कारोबारित अलग-अलग कमोडिटीज (सभी किस्मों सहित) के अनुबंधों की संख्या को इंडेक्स में शामिल होने वाली कमोडिटीज के लिए एक पात्रता मानदंड के रूप में लिया जाता है। एमसीएक्स कॉमडेक्स का वेटिंग दृष्टिकोण समान रूप से उन कारकों पर निर्भर हैं जो कि वायदा बाजार की अंतर्जात (इंडोजिनियस) हैं (एक्सचेंज पर लिक्वीडिटी) और वायदा बाजार की बहिर्जात (एक्सोजिनियस) हैं (फिजिकल बाजार आकार)। सूचकांक (इंडेक्स) गणना के प्रयोजन के लिए केवल नजदीकी महीने के सक्रिय कांट्रेक्ट की कीमतों को लिया जाता है। सूचकांक (इंडेक्स) आधार अवधि को वर्ष 2001 के औसत मूल्य के रूप में रखा जाता है क्योंकि यह एक सामान्य वर्ष था।
- वार्षिक़ रि-वेटिंग और रि-बैलेंसिंग एमसीएक्स कॉमडेक्स के लक्षित वेट्स वार्षिक या जैसा सूचकांक समिति (इंडेक्स कमेटी) द्वारा मांगा गया हो उसको तीन महीने की नोटिस अवधि के साथ या जैसा उपयुक्त समझा जाए वैसा बाजार को घोषित करने के साथ निर्धारित किए जाते हैं। सूचकांक (इंडेक्स) को मूल्य-प्रतिशत आधार पर प्रतिवर्ष संतुलित किया जाता है।
- एमसीएक्स स्पॉट इंडेक्स एमसीएक्स संबंधित कमोडिटीज के वर्तमान हाजिर मूल्यों को वर्ष 2001 के उसी औसत आधार अवधि की उनके हाजिर मूल्यों की तुलना के उपयोग द्वारा अपने एमसीएक्स कॉमडेक्स, एमसीएक्स एग्री, एमसीएक्स मेटल और एमसीएक्स एनर्जी के लिए दैनिक हाजिर मूल्य सूचकांक की भी गणना करता है।
- डेटा का प्रचार-प्रसार वायदा मूल्यों पर आधारित सूचकांकों को एमसीएक्स में पिछले कारोबारित मूल्य में परिवर्तन के साथ रीयल टाइम आधार पर अद्यतन (अपडेट़) किया जाता है। हाजिर मूल्यों पर आधारित सूचकांकों का अद्यतन एक्सचेंज द्वारा प्रसारित हाजिर मूल्यों के अनुसार समय-समय पर किया जाता है।
- गणना पद्धति एमसीएक्स कॉमडेक्स तीन ग्रुप इंडाइसेज – एमसीएक्स एग्री, एमसीएक्स मेटल और एमसीएक्स एनर्जी का साधारण भारित औसत (सिंपल वेटेड एव्हरेज) है। ग्रुप इंडाइसेज की गणना ज्यामितीय साधन के आधार पर की जाती है।
- सूचकांक (इंडेक्स) के रखरखाव का इतिहास एमसीएक्स कॉमडेक्स का शुभारंभ जून, 2005 में किया गया था। इसे समकालीन सूचकांक बनाने के लिए बाद में वर्ष 2007 और 2008 में बदलती बाजार गतिशीलता के आधार पर सूचकांक के वार्षिक पुनर्संतुलन (रि-बैलेंस) के एक हिस्से के रूप में इसकी संरचना परिवर्तित हो गई थी।
- 2007 रि-वेटिंग एवं रि-बैलेंसिंग वर्ष 2007 में परिवर्तन प्रक्रिया के दौरान समग्र सूचकांक में ग्रुप वेट्स को क्रमश: एमसीएक्स मेटल एक्सचेंज और एमसीएक्स एनर्जी इंडेक्स, प्रत्येक के मामले में 40% तक संशोधित किया गया था तथा एमसीएक्स एग्री इंडेक्स के मामले में इसे 20% संशोधित किया गया था। इस प्रकार फिजिकल और फ्यूचर्स बाजारों में अपने महत्व को प्रतिपादित करने के लिए प्रत्येक क्षेत्र को काफी अधिमान दिया गया था। वायदा बाजारों की बढ़ती तरलता (लिक्वीडिटी) के साथ-साथ एमसीएक्स कॉमडेक्स में शामिल कमोडिटीज की संख्या भी 10 से 15 तक बढ़ गई थी।
- 2008 रि-वेटिंग एवं रि-बैलेंसिंग वर्ष 2008 में परिवर्तन प्रक्रिया के दौरान समूह भारिता (ग्रुप वेट्स) को उसके वर्तमान स्तर पर अपरिवर्तित रखा गया था। एमसीएक्स मेटल एक्सचेंज और एमसीएक्स एनर्जी इंडेक्स, प्रत्येक के मामले में 40% तथा एमसीएक्स एग्री इंडेक्स के मामले में 20% तक। कमोडिटीज की संख्या भी अपरिवर्तित रखी गई थी जबकि एमसीएक्स कॉमडेक्स के ढांचे में से ग्वारबीज को निकाल दिया गया था और लेड को शामिल कर लिया गया था।
- 2009 रि-वेटिंग एवं रि-बैलेंसिंग वर्ष 2009 में परिवर्तन प्रक्रिया के दौरान समूह भारिता (ग्रुप वेट्स) को उसके वर्तमान स्तर पर अपरिवर्तित रखा गया था। एमसीएक्स मेटल एक्सचेंज और एमसीएक्स एनर्जी इंडेक्स, प्रत्येक के मामले में 40% तथा एमसीएक्स एग्री इंडेक्स के मामले में 20% तक। कमोडिटीज की संख्या भी अपरिवर्तित रखी गई थी जबकि एमसीएक्स कॉमडेक्स के ढांचे में से इलायची को निकाल दिया गया था और क्रूड पाम ऑयल को शामिल कर लिया गया था।
- एमसीएक्स कॉमडेक्स में कमोडिटीज और उनके वजन (वेट्स) की वर्तमान संरचना निम्नलिखित है:
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एमसीएक्स कॉमडेक्स 2009 भारिता (वेट्स) |
| एमसीएक्स कॉमडेक्स |
कमोडिटी |
भारिता (वेट्स-नई) |
ग्रुप समायोजित भारिता |
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| एमसीएक्स मेटल सूचकांक |
सोना |
15.21% |
40.0% |
| चांदी |
9.66% |
| तांबा |
7.13% |
| जस्ता |
2.00% |
| एल्युमिनियम |
2.00% |
| निकेल |
2.00% |
| लेड |
2.00% |
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| एमसीएक्स एनर्जी सूचकांक |
क्रूड ऑयल |
35.41% |
40.0% |
| नेचुरल गैस |
4.59% |
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| एमसीएक्स एग्री सूचकांक |
रिफाइंड सोया तेल |
3.91% |
20.0% |
| आलू |
4.76% |
| चना |
4.14% |
| क्रूड पाम ऑयल |
3.19% |
| कपासखली |
2.00% |
| मेंथा ऑयल |
2.00% |
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