ऊर्जा के उपयोग और बरबादी को कम करने के लिए एमसीएक्स हमेशा से प्रयासरत है और इसलिए सुरक्षित रीसाइक्लिंग प्रणाली को अपनाया हुआ है। एक्सचेंज स्क्वायर बिल्डिंग, एमसीएक्स का नया मुख्यालय ऊर्जा संरक्षण के लिए विश्व की सर्वोत्तम प्रथाओं से सुसज्जित है।
डबल वैक्युम्ड ग्लास खिड़कियां लगाई गई हैं ताकि वे ऊर्जा संरक्षण कर सके।
भारत का प्रथम ग्रीन एक्सचेंज: एमसीएक्स का परिचालन शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथ लगभग पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक है। ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत की भूमिका को अग्रणी बनाने में एमसीएक्स ने जनवरी 2008 में कार्बन क्रेडिट वायदा व्यापार की शुरुआत की। इसने क्योटो प्रोटोकॉल के तहत स्वच्छ विकास तंत्र – क्लीन डेवलपमेंट मेकानिज्म (सीडीएम) परियोजनाओं के भारतीय मालिकों को उनके द्वारा अर्जित कार्बन क्रेडिट्स को बिना किसी विशेष बातचीत और सौदेबाजी के सही बाजार कीमतों पर बेचने में सक्षम बनाया है। इसने वैश्विक कार्बन क्रेडिट बाजारों में भारतीय लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) द्वारा सामना की जाने वाली कई समस्याओं को दूर किया है।
कार्बन क्रेडिट वायदा की शुरुआत और अपने परिचालन की पर्यावरण-मित्रतापूर्णता की मान्यता के फलस्वरूप एमसीएक्स को भारत के प्रथम ग्रीन एक्सचेंज की उपाधि से सम्मानित किया गया है। प्रसिद्ध एनजीओ, प्रियदर्शिनी अकादमी की ओर से नोबल चॅरिटेबल ट्रस्ट के एक्जक्युटिव चेयरमैन डॉ. माइकल नोबल द्वारा एमसीएक्स को इस सम्मान से सम्मानित किया गया था।