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बादाम |
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बादामका कांट्रेक्ट
विवरण |
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| बादाम | | | | | | सामान्य विशेषताएं | - यद्यपि बादाम को एक दाना माना जाता है तथापि तकनीकी दृष्टि से यह बादाम के पेड़ के फल का बीज है जो कि एक मध्यम आकार का पेड़ होता है और जिसमें गुलाबी और सफेद रंग के सुगंधित फूल लगते हैं। फल, जिसे वानस्पतिक रूप से अष्ठिफल के रूप में जाना जाता है और उसमें एक बाह्य छिलका होता है तथा एक कठोर छाल के साथ अंदर एक बीज होता है।
- बादाम आमतौर पर बिना छिलके के ही बेचा जाता है। बादाम का छिलका निकालना अर्थात बीज निकालने के लिए छिलके को अलग करना। छिलका लगे बादाम को छिलकेदार बादाम कहा जाता है। पीले बादाम छिले हुए बादाम होते हैं जिन्हें गरम पानी में बीजकवच के नरम होने के लिए भिगोया जाता है जिसे बाद में भ्रूण को निकलने के लिए हटाया जाता है।
- मीठे और कड़वे दो प्रकार के बादाम होते हैं। जिसमें से मीठा बादाम वह किस्म है जिसे लोग एक खाद्य उत्पाद के रूप में सीधे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खाते हैं। कड़वा बादाम मीठे बादाम से थोडा़ छोटा व चौडा़ होता है और मुख्य रूप से बादाम तेल निकालने के काम आता है तथा इसे खाद्य के रूप में उपयोग नहीं किया जाता है क्योंकि यह विषैला होता है।
- चॉकलेट कॉन्फेक्शनरी, बेकरी और अल्पाहार ये तीन मुख्य वैश्विक श्रेणियां हैं जहां बादाम का उपयोग किया जाता है।
| | | | वैश्विक परिदृश्य | - हाल के वर्षों में छिलके के आधार पर वैश्विक वार्षिक बादाम का उत्पादन 7 – 8.5 लाख टन की सीमा में रहा है। इसमें रिकॉर्ड फसल और उत्पादन में निरंतर बढ़त वर्ष 2005-06 से 2008-09 के दौरान देखी गई। (बादाम फसल वर्ष अगस्त से जुलाई तक होता है)। हालांकि प्रतिकूल मौसमी स्थितियों के कारण 2009-10 में उत्पादन में कमी आने का पूर्वानुमान है।
- वैश्विक बादाम उत्पादन में 80 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ अमेरिका मीठे बादामों का इकलौता सबसे बडा़ उत्पादक, ग्राहक और निर्यातक देश है।
- अमेरिकी उत्पादन की 99 प्रतिशत हिस्सेदारी वाला अमेरिकी कैलिफोर्निया राज्य मीठे बादामों का सबसे महत्वपूर्ण उत्पादक रहा है।
- कैलिफोर्निया में लगाया जाने वाली नॉनपरेल इकलौती सबसे बडी़ किस्म है। इसका उत्पादन कुल उपज का 38 प्रतिशत बताया जाता है। जिसके बाद कैमल (12%), मोंटेरी (10%), बट / पडरे (9%) और बट (8%) है।
- विश्व का सबसे बड़ा बादाम लेन-देन करने वला है ब्ल्यु डॉयमंड ग्रोवर्स को-ऑपरेटिव, जो कि कैलिफोर्निया में सैक्रामेंटो में स्थित है। ब्ल्यु डॉयमंड कैलिफोर्निया के दो तिहाई उत्पादकों के स्वामित्व वाला संगठन है और कैलिफोर्निया की एक तिहाई फसलों का विपणन करता है।
- छिलके के आधार पर वर्ष 2008-09 में 26,000, 16,000, 9,500, 79,800 , 1,500, और 1,200 टन उत्पादन के साथ क्रमश: अन्य उत्पादक देश हैं – आस्ट्रेलिया, टर्की, चिले, योरोपीय संघ, चीन और भारत। योरोपीय संघ में स्पेन इकलौता सबसे बडा़ उत्पादक है।
- हाल के वर्षों में (शेल्ड आधार पर) बादाम का वार्षिक व्यापार लगभग 4.6 लाख टन रहा है। वर्ष 2008-09 में 4,40,000, 12,300, और 6,700 टनों के निर्यात के साथ क्रमश: अमेरिका, आस्ट्रेलिया और चिले (शेल्ड आधार पर) मुख्य निर्यातक रहे हैं। वर्ष 2008-09 में 2,00,000 टन, 45,000 टन, 21,000 टन, 19,000 टन और 14,000 टन के क्रमश: आयात के साथ योरोपीय संघ, भारत, जापान, कनाडा और टर्की साल 2008-09 में प्रमुख आयातक रहे हैं।
- जबकि कैलिफोर्नियाई फसल की सर्वोच्च कटाई की अवधि मध्य अगस्त से सितंबर तक रहती है, आस्ट्रेलियाई फसल की कटाई का समय फरवरी और अप्रैल के बीच होता है।
| | | | भारतीय परिदृश्य | - लगातार बढ़ते मध्यम वर्ग और स्वास्थ्य जागरूकताओं में वृद्धि ने पिछले सालों में देश में बादाम की बढती खपत को समर्थन दिया है। भारत के घरेलू बादाम खपत में वार्षिक वृद्धि दर 20 प्रतिशत के करीब बताई गई है।
- भारतीयों द्वारा खपत किया जाने वाला 95 प्रतिशत से अधिक बादाम 80 प्रतिशत से अधिक कैलिफोर्नियाई आयात स्रोत से आता है। आस्ट्रेलिया दूसरा प्रमुख देश है जहां से भारत बादाम का आयात करता है। जबकि वर्ष 2008-09 में भारतीय आयात 45,000 टन से अधिक बताया गया था वहीं वर्ष 2009-10 में इसके 50,000 टन तक बढ़ने की आशा है।
- अपनी पूरी बादाम मांग की पूर्ति करने के लिए भारत द्वारा बादाम का आयात आवश्यक है क्योंकि इसका मीठे बादामों का घरेलू उत्पादन केवल 1,200 टन के करीब है। देश में मौजूद अन्य बादाम के पेड़ अवर्णनीय किस्म के हैं और अधिकतर कड़वे बादाम उत्पन्न करते हैं।
- अन्य बादाम आयात करने वाले देशों की तरह छिलकारहित बादाम का आयात न करके भारत छिलकेदार बादाम का आयात करता है और छिलकारहित बादाम की प्राप्ति हेतु उसका प्रसंस्करण करता है। इसका कारण मशीन से छिलका निकालने के मुकाबले सस्ते दर पर मजदूर उपलब्धता और हाथ से छिलका निकालने से उसका बेहतर दिखना तथा कम क्षतिग्रस्त होना है।
- भारत में हाथों द्वारा बादाम का छिलका निकालने का अधिकतम कार्य मुंबई और नई दिल्ली में किया जाता है और जहां से छिलकारहित बादाम अन्य खपत केंद्रों पर ले जाया जाता है।
- नवंबर में अधिकतम मांग के साथ सितंबर से दिसंबर तक भारतीय त्योहारों का मौसम होने के कारण उस समय बादाम की सर्वोच्च खपत का समय होता है। इस प्रकार त्योहारी मौसम के दौरान सितंबर से मांग में मजबूती के चलते उसकी आपूर्ति हेतु नए कैलिफोर्नियाई बादामों का भारी आयात दिखाई देता है। अप्रैल और मई के दौरान उस देश में फसल कटाई के चलते आस्ट्रेलिया से आयात में वृद्धि देखी जाती है।
| | | | प्रमुख भारतीय व्यापार केन्द्र | | मुंबई, नई दिल्ली | | | | बाजार प्रभावित करने वाले कारक | - कैलिफोर्निया का वार्षिक उत्पादन सर्वाधिक महत्वपूर्ण मूल्य निर्धारण कारक होने के साथ-साथ घरेलू बादाम कीमतें वैश्विक आपूर्ति-मांग की मूलभूत बातों की प्रतिबिंब होती हैं।
- अमेरिकी एजेंसियों द्वारा किए गए मौसम, कीटकों के हमलों आदि के पूर्वानुमानों पर भारतीय व्यापारी विशेष ध्यान रखने के साथ ही कैलिफोर्नियाई फसल के विकास पर बारीक नज़र रखते हैं। अमेरिकी कृषि विभाग और कैलिफोर्निया बादाम बोर्ड फसल, स्टॉक, वैश्विक आपूर्ति एवं मांग का प्रगतिशील मूल्यांकन करते हैं और नियमित रूप से रिपोर्टस् जारी करते रहते हैं जिसे मूल्य निर्धारण के लिए वैश्विक बाजारों द्वारा व्यापक रूप से देखा जाता है।
- स्थानीय स्तर पर व्यापारियों के पास पडा़ माल और वह मूल्य जिस पर उसे खरीदा गया है वे सर्वाधिक महत्वपूर्ण मूल्य प्रभावित करने वाले कारक होते हैं।
- भारत में बादाम के प्रमुख आयातक और व्यापारी स्थानीय बाजारों की जरूरतों से भलीभांति परिचित होते हैं और वार्षिक त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए सामान्य रूप से अच्छी तरह माल का स्टॉक रखते हैं।
- इस बीच जैसा कि बादाम को एक अत्यावश्यक कमोडिटी की तरह नहीं देखा जाता और इसको उत्पादित करने वाला कोई स्थानीय समुदाय भी नहीं है, इस कमोडिटी में नीति हस्तक्षेप बहुत कम है।
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आई-गोल्ड (साप्ताहिक क्लीयरिंग) 17 अक्टूबर 2007 के आगे
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आई-गोल्ड मिनी (साप्ताहिक क्लीयरिंग) 17 अक्टूबर 2007 के आगे
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अहमदाबाद कांट्रेक्ट
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