सोना मानव इतिहास की सबसे पुरानी एवं बहुमूल्य धातु है । अनेक कारणों से यह आज भी महत्वपूर्ण है । अधिकांश तटस्थ बाजार विशेषज्ञों की राय है कि स्टॉको और बाण्डों के परंपरागत निवेश माध्यम अपने अब तक के सर्वोच्चतम बिन्दु पर हैं जिनमें भारी सुधार (करेक्शन) की संभावना है ।
मानव जाति के 8000 वर्षों के इतिहास से प्राप्त अनुभवों के आधार पर ही 'सोना सदा के लिए' कहावत का प्रचलन हुआ । हमें समीक्षा करनी चाहिए कि क्यों संसार उस वस्तु को आदर से देखता है जिसे इंगलैंड के सबसे प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जॉन मे नॉर्ड केंस ने "बारबरस रेलिक" कहा था।
सोना 'सोने की तरह खरा' क्यों है यह एक आश्चर्यजनक प्रश्न है । यद्यपि हमे लगता है कि प्राचीन मिस्री (इजीप्त) सभ्यता के निवासियों द्वारा सोने के संबंध मे व्यक्त राय कहीं अधिक उपयुक्त है जिसके अनुसार सोने का मूल्य उसके विशिष्ट भौतिक गुणों और दुर्लभता पर निर्भर करता है । - प्राथमिक रूप से सोना एक मौद्रिक संपत्ति तथा आंशिक रूप से एक कमोडिटी है ।
- सोने के कुल भंडार का दो तिहाई भाग केन्द्रीय बैंको में रिजर्व, व्यक्तियों के निजी भंडार तथा उच्च कैरेट वाले आभूषणों में निवेशित है । सोने के कुल भंडार का एक तिहाई से कम माग पश्चिमी देशों के आभूषणों के रूप में है तथा औद्योगिक क्षेत्र के उपयोग में है ।
- सोने की बाजार में उच्चस्तर की तरलता होती है । केन्द्रीय बैंकों, दूसरी बड़ी संस्थाओं तथा खुदरा जेवर बाजार से सोना बाजार में आता रहता है ।
- सोने की वास्तविक कीमतों का मुख्य उत्प्रेरक आवक संतुलक न हो कर स्टॉक संतुलक है कारण कि सोने की मांग के विपरीत इसका भारी मात्रा में संग्रह किया जाता है ।
- सोने की किमतों को प्रभावित करने वाले कारक उन कारकों से भिन्न होते है जो अधिकतम वित्तीय संपत्तियों को प्रभावित करते है ।
- दक्षिण अफ्रीका विश्व में सबसे अधिक सोने का उत्पादन करता है । वर्ष 2001 में इसने 394 टन सोने का उत्पादन किया । दूसरे तथा तीसरे स्थान पर क्रमश: अमेरिका और आस्ट्रेलिया है ।
- भारत विश्व में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है । यहां सोने की वार्षिक मांग 800 टन है ।
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विश्व स्वर्ण बाजार - लंदन सोने का एक बड़ा क्लियरिंग हाउस है ।
- न्यूयार्क सोने की फ्यूचर ट्रेडिंग का केन्द्र है ।
- ज्यूरिक सोने के फिजिकल मार्केट के रूप में जाना जाता है । जहां सोने का उसके भौतिक स्वरूप में ज्यादा सौदा किया जाता है ।
- इस्तांबुल, दुबई, सिंगापुर तथा हांगकांग सोने का उपभोग करने वाले क्षेत्रों के लिए आयात द्वार कहे जाते हैं ।
- टोकियो स्थित टीओसीओएम (टोकॉम) जापान का रुझान निर्धारित करता है ।
- भारत में मुंबई सोने का बड़ा बाजार है ।
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| वैश्विक स्वर्ण उद्योग में भारत का स्थान |
| (निकटतम पूर्णांक आंकडे) | भारत (टन में) | विश्व (टन में) | % हिस्सेदारी | | कुल भंडार | 13000 | 145000 | 9 | | केन्द्रीय बैंक का संग्रह | 400 | 28000 | 1.4 | | वार्षिक उत्पादन | 2 | 2600 | 0.08 | | वार्षिक रिसाइकिलिंग | 100-300 | 1100-1200 | 13 | | वार्षिक मांग | 800 | 3700 | 22 | | वार्षिक आयात | 600 | --- | --- | | वार्षिक निर्यात | 60 | --- | --- | |
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भारतीय स्वर्ण बाजार - भारत में सोना बचत एवं निवेश की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है तथा बैंक जमा के बाद इसे निवेश के लिए दूसरे नम्बर का दर्जा प्राप्त है ।
- स्वर्ण आभूषणों में निवेश के तौर पर भारत विश्व का सबसे बड़ा ग्राहक है।
- जुलाई 1997 में रिजर्व बैंक ने बिक्री या ज्वेलरों एवं निर्यातकों को ऋण देने के लिए सोना आयातित करने के लिए व्यावसायिक बैंकों को अधिकृत किया । वर्तमान में सोने के आयात में 13 बैंक सक्रिय हैं ।
- इससे सोने के अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू बाजार भाव का अंतर वर्ष 1986-1991 के 57 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2001 में 8.5 प्रतिशत रह गया ।
- भारतीय समाज में सोना रखने की प्रवृति काफी मजबूत है ।
- सोने का घरेलू उपभोग मानसून, फसल और वैवाहिक मौसम पर काफी हद तक निर्भर है ।
भारतीय आभूषणों की कुल खरीद बढ़ती कीमतों के प्रति संवेदनशील होती है और उससे भी कहीं अधिक अस्थिरता के प्रति संवेदनशील होती है। - शहरों में स्टॉक मार्केट और उपभोक्ता वस्तुओं की बृहद श्रृंखला से सोने की प्रतिस्पर्धा है ।
- विश्व के मुकाबले भारत में सोने का शुद्धिकरण करके इसे प्रामाणिक छड़ों (बार्स) में रूपांतरित करने की सुविधा गुणवत्ता और मात्रा दोनों दृष्टियों से काफी कम है ।
भाव प्रभावित करने वाले तथ्य - केंद्रीय बैंकों से बिक्री द्वारा आपूर्ति, स्क्रेप द्वारा फिर से तैयार और आधिकारिक स्वर्ण ऋण
- वायदा बाजार में वित्तीय हानि से बचाव हेतु उत्पादकों एंव खान मालिकों का हित
- विश्व मेक्रो - इकोनॉमिक तथ्य - यूएस डॉलर, ब्याज दर
- स्टॉक मार्केट में तुलनात्मक प्रतिफल
- मानसून और कृषि उत्पादन पर आधारित घरेलू मांग
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| 1995 से अब तक लंदन सोने की भाव चंचलता |
| प्रतिशत परिवर्तन | > 5% | 2 - 5 % | < 2% | | दैनिक | | | | | कितनी बार (संख्या) | 4 | 54 | 2147 | | कितनी बार (प्रतिशत) | 0.2 | 2.4 | 97.4 | | साप्ताहिक | | | | | कितनी बार (संख्या) | 3 | 62 | 376 | | Pकितनी बार (प्रतिशत) | 0.7 | 14.1 | 85.3 | |
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| 1995 से सर्वाधिक भाव का उतार-चढ़ाव |
| 24 सितम्बर, 1999 से 5 अक्टूबर, 1999 के बीच दैनिक भाव में 21 प्रतिशत से अधिक का परिवर्तन देखा गया जो 15 युरोपियन केंद्रीय बैंकों की अपने संचित भंडार से सोने की पांच वर्षों के लिए बिक्री के निलंबन की घोषणाओं पर आधारित था । |