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एटीएफ |
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एटीएफका कांट्रेक्ट
विवरण |
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टॉप
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| एटीएफ | | | | | | प्रमुख विशेषताएं | - एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) या जेट ईंधन जेट और टर्बो-प्रॉप इंजन वाले विमान संचालन हेतु ईंधन-शक्ति प्रदान करने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक विशेष प्रकार का पेट्रोलियम आधारित ईंधन है। एटीएफ पीले रंग का हाइड्रोकार्बन का रंगीन पारदर्शी मिश्रण है और इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स, धातु डि-एक्टिवेटर्स, एंटी स्टेटिक एजेंट्स, संक्षारण अवरोधक आदि जैसे योजक (एडिटिव्स) भी शामिल हैं।
- कच्चे तेल के शोधन में यह डीज़ल और केरोसीन के साथ-साथ मध्यम-आसुत के रूप में वर्गीकृत है। जेट ईंधन वास्तव में केरोसीन की एक उच्च परिष्कृत श्रेणी है।
- जेट ए-1 और जेट ए टर्बाइन नागरिक वाणिज्यिक उड्ड्यन (सिविल कॉमर्शियल एविएशन) में इस्तेमाल होने वाली ईंधन की दो मुख्य श्रेणियां हैं। दोनों ही केरोसीन प्रकार के ईंधन हैं और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मानकीकृत विनिर्देशनों के सेट के अनुरूप उत्पादित किए जाते हैं।
- जेट ए जो मुख्य रूप से अमेरिका में उपयोग किया जाता है, उसमें आवश्यक रूप से -40ºC (-40 डिग्री सेल्सियस) या उसके नीचे का जमाव बिंदु (फ्रीज़ प्वाइंट) होना चाहिए जबकि जेट ए-1 जो लगभग सभी अन्य देशों में उपयोग किया जाता है, उसमें आवश्यक रूप से -47ºC ( -47 डिग्री सेल्सियस) या उसके नीचे का जमाव बिंदु (फ्रीज़ प्वाइंट) होना चाहिए। केवल एक अन्य जेट ईंधन जो कि आम तौर पर सिविलियन टर्बाइन इंजन संचालित विमानों में उपयोग किया जाता है, उसे जेट-बी कहा जाता है जो कि नॅफ्थॉ-केरोसीन क्षेत्र में एक ईंधन है और इसे इसके संवर्धित ठंड-मौसम प्रदर्शन हेतु उपयोग किया जाता है।
- अन्य विमानन ईंधनों में मिलिट्री जेट ईंधनों ( प्रमुख रूप से जेपी-4, जेपी-5, और जेपी-8), शामिल हैं और वे भी केरोसीन प्रकार के ईंधन हैं। विमानन गैसोलीन को स्पार्क-इग्निशन विमानन इंजनों में उपयोग किया जाता है।
- विमानन ईंधन क्रूड तेल से उत्पन्न किए जाते हैं और इसकी कीमत क्रूड तेल कीमतों से अत्यधिक सह-संबद्ध रहती हैं (साल 2008 में 96%)। एयरलाइन उद्योग एवं क्रूड तेल रिफायनरियां वह दो बडे़ क्षेत्र हैं जो कीमतों में अत्यधिक अस्थिरता के चलते बहुत बडे़ मूल्य जोखिम का सामना कर रहे हैं।
- वैश्विक एयरलाइन उद्योग का ईंधन बिल साल 2009 में कुल 114 बिलियन अमेरिकी डॉलर अनुमानित है। (परिचालन खर्चों का 25 प्रतिशत, 61.8 अमेरिकी डॉलर/ बैरल ब्रेंट ऑयल पर)
| | | | वैश्विक परिदृश्य | - साल 2007 में विमानन ईंधनों का कुल वैश्विक उत्पादन 1765 मिलियन बैरल अनुमानित है जो साल 2007 में रिफायनरी उत्पादों के कुल वैश्विक उत्पादन का 6.3 प्रतिशत है।
- यह अनुमान लगाया गया है कि साल 2007 में जेट ईंधनों की वैश्विक खपत लगभग 5.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन थी। एक अनुमान के अनुसार उपभोक्ताओं ने तकरीबन 1.63 मिलियन बैरल प्रतिदिन के हिसाब से इसका उपयोग किया हुआ है।
- हालांकि वर्तमान में एशिया-प्रशांत क्षेत्र ने सर्वाधिक प्रगति का प्रदर्शन किया है। अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) ने अनुमान लगाया है कि साल 2009 में एशिया-प्रशांत यात्रियों में उत्तरी अमेरिका (घरेलू बाजारों के सहित) के अंदर यात्रा करने वाले 638 मिलियन के मुकाबले 647 मिलियन रहे। साल 2013 तक अतिरिक्त 217 मिलियन यात्रियों के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अंतर्गत यात्रा का अनुमान है।
- 87,700 किलो बैरल प्रति कैलेंडर दिन की कुल वैश्विक रिफाइनिंग क्षमता की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अमेरिका क्रूड तेल का सबसे बडा़ रिफायनर है।
| | | | वैश्विक केरोसीन बाजार | - टोक्यो कमोडिटी एक्सचेंज (टोकॉम) और सी-कॉम
| | | | भारतीय परिदृश्य | - भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास, देश के मध्यम वर्ग की बढ़ती आमदनी और भारत के विमानन उद्योग में निजी व्यवसायियों का प्रवेश, हाल के वर्षों में एटीएफ की घरेलू खपत में तीव्र वृद्धि का कारण रहा है।
- सभी पेट्रोलियम उत्पादों के भारतीय उत्पादन ने नई रिफायनरियों की स्थापना व बढे़ हुए क्षमता के उपयोग के चलते पिछले दो दशकों में तीव्र सुधार एवं विकास का प्रदर्शन किया है। साल 2008-09 में एटीएफ का 59.2 मिलियन बैरल उत्पादन अनुमानित है।
- साल 2008-09 में एटीएफ की भारतीय खपत 32.6 मिलियन बैरल अनुमानित है जो कि साल 2004-05 के 20.6 मिलियन बैरल की खपत से तीव्र गति से 58 प्रतिशत ऊपर है।
- साल 2005-06 में 20.7 मिलियन बैरल से साल 2008-09 में 25.6 मिलियन बैरल के साथ भारत से एटीएफ का निर्यात भी बढ़ गया है।
- भारत में केरोसीन की बिक्री तीन चैनलों के माध्यम से होती है – घरेलू उपयोग के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), औद्योगिक केरोसीन और एटीएफ। औद्योगिक केरोसीन और एटीएफ की कीमतें घरेलू रिफायनरों द्वारा अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ मिलकर सक्रिय एवं गतिशील रूप से संशोधित की गई हैं। इस प्रकार क्रूड तेल कीमतों में अस्थिरता या उतार-चढा़व का प्रभाव घरेलू एटीएफ कीमतों पर व्यापक रूप से पड़ता है।
| | | | बाजार को प्रभावित करने वाले घटक | - विश्व स्तर पर एटीएफ कीमतें क्रूड तेल कीमतों के साथ अत्यधिक रूप से सह-संबद्ध रहती हैं क्योंकि यह क्रूड तेल के शुद्धिकरण क्रिया (अर्क निकालकर) से उत्पादित किया जाता है। इस प्रकार क्रूड तेल कीमतों को प्रभावित करने वाले सभी कारक एटीएफ कीमतों पर भी गहरा प्रभाव डालते हैं। इन कारकों में आपूर्ति-मांग, वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, प्राकृतिक आपदाओं, मौद्रिक उतार-चढा़व, भू-राजनैतिक तनावों, ब्याज़ दरों तथा अन्य परिसंपत्तियों व कमोडिटीज की कीमतों आदि का समावेश है।
- विमानन उद्योग से मांग दूसरा प्रभाव डालने वाला कारक है। हवाई यातायात के यात्रियों/ कार्गो में वृद्धि, वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, वैश्विक औद्योगिक उत्पादन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विमान की ईंधन-खपत क्षमता में सुधार और अन्य प्रभावित करने वाली वस्तुएं विमानन क्षेत्र की मांग को प्रभावित करती हैं।
- खराब मौसम या अन्य अप्रत्याशित घटनाक्रमों के कारण उत्पादन में आए अवरोध कीमतों के बढ़ने का कारण बन सकते हैं।
| | | | माप | 1 यूएस बैरल = 42 यूएस गैलन 1 यूएस बैरल = 158.98 लीटर 1 एमटी = 7.33 बैरल नोट: बैरल प्रति टन का माप अलग-अलग मूल स्थानों पर परिवर्तित होता रहता है। | | | ऊपर | | | |
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आई गोल्ड |
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आई-गोल्ड (साप्ताहिक क्लीयरिंग) 17 अक्टूबर 2007 के आगे
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दिल्ली कांट्रेक्ट
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कोलकाता कांट्रेक्ट
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मुंबई कांट्रेक्ट
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अहमदाबाद कांट्रेक्ट
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आई-गोल्ड मिनी (साप्ताहिक क्लीयरिंग) 17 अक्टूबर 2007 के आगे
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दिल्ली कांट्रेक्ट
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मुंबई कांट्रेक्ट
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अहमदाबाद कांट्रेक्ट
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