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एल्युमिनियम |
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एल्युमिनियमका कांट्रेक्ट
विवरण |
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टॉप
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| एल्यूमीनियम | | | | | | एल्यूमीनियम के लक्षण | - एल्यूमीनियम भूगर्भ का तीसरा प्रचुर तत्व है। हालांकि यह प्राकृतिक तौर पर अन्य धातुओं के साथ (विशेषकर सिलिकेट और ऑक्साइड) मिश्रित रूप में पाया जाता है। सर्वप्रथम एल्यूमीनियम 1808 में जानकारी में आया।
- एल्यूमीनियम वजन में काफी हल्का होता है तथा इसका घनत्व स्टील के मुकाबले एक तिहाई होता है। एल्यूमीनियम मौसम, सामान्य वायुमंडलीय गैसों एवं विभिन्न प्रकार के तरल पदार्थ प्रतिरोधी होता है। एल्यूमीनियम में अत्यधिक परावर्तन होता है और इसीलिए सजावट के लिए इसका उपयोग काफी किया जाता है। इसमें लचीलापन भी काफी है। अतः निर्माण कार्य में इसकी विशिष्ट उपयोगिता है।
- एल्यूमीनियम निम्न तापमान पर भी कार्बन स्टील की तरह भुरभुरा हुए बिना अपनी कठोरता बनाये रखता है। इसे आकार देना सुविधाजनक होता है तथा यह लगभग तांबे की तरह बिजली एवं ताप का संचरण (कंडक्ट) करता है।
| | | | आपू्र्ति एवं मांग | | | | वैश्विक परिदृश्य | - एल्यूमीनियम अयस्क (सामान्यतः बाक्साइट) अफ्रीका, वेस्टइंडीज, दक्षिण अमेरिका और आस्ट्रेलिया के उष्णकटिबंधीय और उपोष्ण क्षेत्रों में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यूरोप में भी इसका कुछ भंडार उपलब्ध है।
- अग्रणी उत्पादक देशों में अमेरिका, रूस, कनाडा, यूरोप, चीन, आस्ट्रेलिया, ब्राजील, नार्वे, दक्षिण अफ्रीका, वेनेज्युएला, बहरीन, यूनाइटेड अरब अमीरात, भारत और न्यूजीलैंड का समावेश है, जो विश्व के एल्यूमीनियन उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं।
- एल्यूमीनियम का सबसे बड़ा बाजार उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पूर्व एशिया है।
- वर्ष 2003 और 2004 में विश्व का एल्यूमीनियम उत्पादन क्रमशः 2.77 करोड़ और 2.89 करोड़ टन था।
- वर्ष 2004 में चीन, रूस, कनाडा और अमेरिका ने लगभग क्रमशः 6.1, 3.6, 2.64 और 2.5 मिलियन टन एल्यूमीनियम का उत्पादन किया।
| | | | भारतीय परिदृश्य | - एल्यूमीनियम उत्पादन के मामले में भारत विश्व का पांचवां देश है।
- भारत में अनुमानित तौर पर लगभग 303.7 करोड़ टन बाक्साइट का भंडारण है। वर्तमान उपभोग दर को देखते हुए खोजा गया बाक्साइट भंडारण 350 वर्षों के लिए काफी है। विश्व के कुल भंडारण तथा स्थापित उत्पादन क्षमता में भारत की हिस्सेदारी क्रमशः 7.5 प्रतिशत तथा 3 प्रतिशत है।
- मांग और पूर्ति के मामले में भारत न केवल पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर है बल्कि यह प्रतिस्पर्धी आधार पर लगभग 82 हजार टन एल्यूमीनियम का निर्यात प्रति वर्ष करता है।
- भारत की वार्षिक एल्यूमीनियम खपत लगभग 6.18 लाख टन है और वर्ष 2007 तक इसके बढ़कर 7.8 लाख टन होने का अनुमान है।
- एक दशक पूर्व भारत के अग्रणी एल्यूमीनियम उत्पादक बाल्को, नाल्को, इंडाल, हिंडाल्को और माल्को थे। इन पांच में से दो (बाल्को और नाल्को) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां हैं जबकि तीन निजी क्षेत्र की।
- एल्यूमीनियम के व्यापार में उदारीकरण प्रक्रिया के परिणाम स्वरूप भारत प्रतिस्पर्धी शर्तों पर एल्यूमीनियम निर्यातक देश बन गया। एल्यूमीनियम उत्पादन की शर्तों में सुधार करने के साथ भाव एवं वितरण से नियंत्रण हटाने के कारण इस उद्योग पर सरकारी एकाधिकार में कमी आयी और निजी क्षेत्र की कंपनियों को बढ़ावा मिला। हिंडाल्को द्वारा इंडाल का अधिग्रहण किये जाने के बाद यह देश की बड़ी एल्यूमीनियम उत्पादक कंपनी बन गई।
| | | | विश्व एल्यूमीनियम बाजार | - एलएमई, टीओसीओएम, एसएचएफई और एनवाईएमईएक्स महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय बाजार हैं, जो एल्यूमीनियम के भाव को संचालित करते हैं।
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आई गोल्ड |
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आई-गोल्ड (साप्ताहिक क्लीयरिंग) 17 अक्टूबर 2007 के आगे
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आई-गोल्ड मिनी (साप्ताहिक क्लीयरिंग) 17 अक्टूबर 2007 के आगे
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